Customer Support +91 7999905569 & +91 9510724776

Heart Care Juice for All Heart Problems, Cholesterol, Blood Pressure, Blockages
Heart Care Juice for All Heart Problems, Cholesterol, Blood Pressure, Blockages

Heart Care Juice for All Heart Problems, Cholesterol, Blood Pressure, Blockages

Regular price
Rs. 1,950.00
Sale price
Rs. 1,050.00
Tax included.

Cholesterol | कोलेस्ट्रॉल रातों-रात नहीं बल्कि धीरे-धीरे बढ़ता है, जिसके लिए सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार होता है हमारा खानपान। खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने के कोई ख़ास लक्षण नहीं होते पर ऐसा होने पर दिल से जुड़ी बीमारी का ख़तरा बढ़ जाता है।

Cholesterol | कोलेस्‍ट्रॉल एक प्रकार का लुब्रीकेंट है, जो ब्‍लड सेल्‍स में पाया जाता है। हार्मोंस के निर्माण, शरीर में कोशिकाओं को स्वस्थ और ठीक रखने का काम करता है। कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर खून का गाढ़ा होना, आर्टरी ब्लॉकेज, स्टोक्स, हार्ट अटैक और दिल की अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसलिए शरीर में सही मात्रा में कोलेस्ट्राल होना बहुत जरूरी है। हालांकि, बॉडी में हाई कॉलेस्‍ट्रॉल की मात्रा देखने के लिए टेस्‍ट करवाना होता है लेकिन कुछ आसान लक्षणों के द्वारा भी आपको पता चल सकता है कि शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ रही है। इसे पहचानकर आप समय रहते शरीर में कोलेस्ट्राल लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं शरीर में कोलेस्ट्रोल लेवल | Cholesterol Level बढ़ने के कुछ संकेत।

कितनी होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल की मात्रा?

शरीर में नार्मल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा (200 mg/dL या इससे कम) होनी चाहिए। बॉर्डर लाइन कोलेस्ट्रॉल (200 से 239 mg/dL) के बीच और हाई कोलेस्ट्रॉल (240mg/dL) होना चाहिए। गुड कोलेस्ट्रॉल कोरोनरी हार्ट डिसीज और स्ट्रोक को रोकता है। यह कोलेस्ट्रॉल को कोशिकाओं से वापस लीवर में ले जाता है। लीवर में जाकर या तो यह टूट जाता है या फिर व्यर्थ पदार्थों के साथ शरीर के बाहर निकाल जाता है।

कोलेस्ट्रॉल क्यों ज़रूरी है?

कोलेस्ट्रॉल शरीर के क्रियाकलाप में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। यह कोशिकाओं की दीवारों का निर्माण करने और विभिन्न हार्मोंस को बैलेंस करने के लिए भी ज़रूरी होता है। इनमें एचडीएल को अच्छा कोलेस्ट्रॉल तथा एलडीएल को बुरा कोलेस्ट्रॉल कहते हैं।

एलडीएल को बुरा इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह कोरोनरी धमनियों में अवरोध उत्पन्न करता है, जिससे रक्त संचार में बाधा होती है और हार्ट अटैक की स्थिति पैदा होती है। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल इसलिए अच्छा है, क्योंकि यह धमनियों में अवरोध बनने से रोकता है।

कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के लक्षण

सांस फूलना या थकावट होना : थोड़ा चलने पर भी सांस फूलना या थकावट होना, बॉडी में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का संकेत हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण आप ज्यादा काम किए बिना ही थकावट महसूस करने लगते हैं। ऐसे में आपको देरी किए बिना डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।

ज्‍यादा पसीना आना : गर्मी में पसीना आना आम बात है लेकिन जरूरत से ज्यादा पसीना आना आपके लिए गंभीर संकेत हो सकती है। इसे नजरअंदाज करने की बजाए आपको तुरंत अपने कोलेस्‍ट्रॉल चेक करवाना चाहिए।

पैरों में लगातार दर्द : बेवजह पैरों में दर्द रहना भी हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण होता है। ऐसे में आपको दर्द दूर करने के लिए पेनकिलर नहीं लेनी चाहिए बल्कि तुरंत अपना चेकअप करवाना और जल्द से जल्द इलाज शुरू करना चाहिए।

तेज सिर दर्द : भागदौड़ भरी लाइफ के कारण आजकल लोगों में सिरदर्द की समस्या आम देखने को मिलती है लेकिन लगातार सिरदर्द रहना हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत होता है। जब आपके ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का मात्रा बढ़ जाता है तो दिमागी वेन्‍स में ब्लड की सप्लाई नहीं हो पाती। इसके कारण आपको सिर में लगातार तेज दर्द रहने लगता है।

लगातार और अचानक वजन बढ़ना : अचानक से लगातार वजन बढ़ना या भारी-भारी महसूस होने का कारण भी कोलेस्ट्रोल का बढ़ना हो सकता है। इस लक्षण को नजरअंदाज ना करें और तुरंत अपना चेकअप करवाएं।

स्किन टैग या बॉईल निकलना : शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर आंख के नीचे या गर्दन पर छोटे से बॉईल या स्किन टैग निकल आते हैं। ऐसी स्थित में आपको डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।

ब्लड प्रैशर बढ़ना : ब्लड प्रैशर का अचानक सामान्य से अधिक होन जाना कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कारण होता है। बढ़ते हुए कोलेस्ट्रोल के इस लक्षण को हल्के में लेने की बजाए तुरंत चेकअप करवाएं।

जोड़ों में दर्द : पीठ, घुटनों, कमर या जोड़ों में अचानक दर्द रहने लगे तो समझ लेना चहिए कि कोलेस्‍ट्रॉल चेक करवाने का समय आ गया है।

सीने में दर्द या बैचेनी होना : बिना किसी कारण या भोजन के बाद सीने में दर्द या बेचैनी सी महसूस होने लगे तो इसकी वजह भी हाई कोलेस्ट्रोल हो सकता है।

हार्ट की धड़कने तेज होना : अगर आपका दिल जोर-जोर से धड़कता है तो भी आपको तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कारण दिल तक खून की सप्लाई ठीक से नहीं हो पाती, जिसके कारण दिल की धड़कने तेज हो जाती है।

कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कारण

बहुत ज्यादा सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल खाने से उच्च कोलेस्ट्रॉल हो सकता है। सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल जानवरों से बने पदार्थों में होते हैं जैसे मीट, दूध, अंडे, मक्खन, और पनीर। ट्रांस फैट तले हुए खाद्य पदार्थों और पैकेजयुक्त खाद्य पदार्थों में पाया जाता है जैसे बिस्किट और चिप्स।

अधिक वजन होने से ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ सकते हैं और एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) भी बढ़ सकता है।

शारीरिक गतिविधि का अभाव एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) बढ़ा सकता है।

20 साल की उम्र के बाद आपका कोलेस्ट्रॉल स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगता है। पुरुषों में, कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्यतः 50 वर्ष की आयु के बाद कम होता है जबकि महिलाओं में, रजोनिवृत्ति तक यह काफी कम रहता है। फिर यह पुरुषों के स्तर के समान बढ़ जाता है।

कुछ रोग उच्च कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ा सकते हैं जैसे हाइपोथायरायडिज्म, लम्बे समय से चलता किडनी रोग और कुछ प्रकार के जिगर के रोग।

यदि आपके परिवार के सदस्यों को उच्च कोलेस्ट्रॉल है या था तो आपको भी यह हो सकता है। धूम्रपान एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) बढ़ा सकता है।

कुछ दवाएं भी एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को बढ़ा सकती हैं। इन दवाओं में थियाजाइड ड्यूरेटिक्स, बीटा-ब्लॉकर्स, एस्ट्रोजन और कॉर्टिसोस्टिरॉइड शामिल हैं।

Heart Care Juice : आइये जानते है की यह सभी को क्यों लेना चाहिए

हमारे शरीर का अनमोल अंग हृदय (Heart) है, जो 24 घंटे अपने काम में लगा रहता है। लेकिन हमारी खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान के तरीको की वजह से हार्ट ब्लॉकेज काफी आम समस्या बनती हुई नज़र आ रही है।

अगर हृदय की नलियों में ब्लॉकेज होना शुरु हो रहा है तो इसका साफ मतलब है कि रक्त में एसिडिटी बढ़ गई है। एसिडिटी भी दो प्रकार की होती है जिसमें एक तो पेट की एसिडिटी होती है और दूसरी रक्त की।

हृदय की नलियां ब्लॉक होने से हार्ट अटैक होता है इसलिये आज हम आपको आयुर्वेदिक उपचार बताने वाले हैं जो काफी सरल है। जब रक्त में अमलता एसिडिटी बढ़ जाती है, तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करें जो छारीय होती हैं। छारीय चीज़ें खाने से रक्त में बढ़ी एसिडिटी कम हो जाती है और आप हार्ट ब्लॉकेज से हमेशा के लिये बचे रह सकते हैं।

तेज रफ्तार में भागती जिंदगी ने हमारी जीवनशैली को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। खान-पान की गलत आदतों के चलते आज हम कम उम्र में सेहत से जुड़ी कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लौ ब्लड प्रैशर, हाई ब्लड प्रैशर, कोलेस्ट्रॉल, हार्ट से जुड़ी समस्याएं आम हो गई है। इसी के साथ नसों की ब्लाकेज की समस्या भी काफी बढ़ने लगी है।

दरअसल, नसों की कमजोरी और ब्लॉकेज होने का कारण हमारी डाइट में पोषक तत्वों की कमी है। संतुलित की बजाए बाहर का तला भूना व फास्ट फूड खाने से हमारे रक्त में अपशिष्ट पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती हैं जो नसों के ब्लड सर्कुलेशन में रूकावट डालना शुरू कर देते हैं।

इससे शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे नसों में खून का प्रवाह अच्छे से नहीं होता और थका जमना शुरू हो जाता है जो बाद में ब्लाकेज का रूप ले लेता है। हार्ट व शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लॉकेज खोलने के लिए एलोपैथी चिकित्सा में सर्जरी व दवाओं का सहारा लिया जाता है जो काफी महंगा इलाज है। लेकिन आयुर्वेद पद्धति का समय रहते सहारा ले लिया जाए तो आपको इन सभी समस्याओं से दूर रहने का अवसर मिल सकता है।

आहार जो करते हैं धमनियों की नैचुरल सफाई

मेडिटेरेनियन डाइट प्लान जिसमें कम मात्रा में कोलेस्ट्रॉल हो लेकिन फाइबर की मात्रा भरपूर हो। शुगर व नमक का कम सेवन करें और मक्खन की जगह आलिव ऑयल वसा का इस्तेमाल करें।

धमनियों के अनुकूल खाद्य पदार्थ व हर्ब जैसे चने, अनार, जई, एवाकाडो, लहसुन, केसर, हल्दी, कैलामस, हरी सब्जियों व फलों का सेवन करें।

खाना खाने के 20-30 मिनट बाद गुनगुना गर्म पानी का सेवन जरूर करें क्योंकि इसे नसों में ब्लाकेज का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। मैटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए एरोबिक एक्सरसाइज का सहारा लें।

हार्ट अटैक से बचने के तरीके 

आपने लोगों को कहते सुना होगा- ‘दिल पे मत ले यार’ इसके पीछे यह कारण है कि दिल शरीर का सबसे नाजुक अंग होता है और कोई भी चीज इसे आसानी से नुकसान पहुंचा सकती है। जब कोई व्यक्ति भावनात्मक तनाव महसूस करता है व्यक्ति का दिल सबसे पहले प्रभावित होता है जो कि हार्ट अटैक का कारण बनता है।

इस इमोश्नल दर्द से होने वाले हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुले दिमाग से तनाव रहित रहें। इसके अलावा हार्ट अटैक से बचने के कुछ और तरीके भी हैं जैसे कि ज्यादा कैलोरी वाले खाने से बचना और नियमित व्यायाम करना आदि। इसलिए अपने आपको फिट और तंदुरुस्त रखना हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

Heart Care Juice made by 100% Organic Herbs

Songara Organic Heart Care Juice : यह हार्ट की सभी प्रॉब्लम्स को दूर करता है, चाहे हाई ब्लड प्रेशर हो या लॉ ब्लड प्रेशर हो दोनो को प्राकृतिक तरीके से कंट्रोल करके ब्लड प्रेशर को बैलेंस करता है, यह बड़े हुए खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाता है, हार्ट और नसों में होने वाले ब्लॉकेज को निकलता है। हमारा Heart Care Juice जो पूर्णतः 100% ऑर्गेनिक आयुर्वेदिक जडीबुटी से बना है जिसका कोई साइड इफेक्ट्स नही है। यह पूरी बॉडी को डिटॉक्स करता है जिससे टॉक्सिन्स और खराब कोलेस्ट्रॉल को बॉडी से बाहर करता है। यह प्रमाणित और रिसर्च आधारित आयुर्वेदिक उत्पाद है।

ऑर्गेनिक आयुर्वेदिक औषधियाँ (Organic Ayurvedic herbs) क्या है?

अभी तक आपने वजन घटाने के कई उपाय किए होंगे लेकिन आपका वजन कम नही हुआ क्योंकि जितनी भी औषधियां होगी वो या तो हाइब्रिड होगी या केमिकल फर्टिलाइजर का उपयोग करके उगाई जाने वाली जड़ी-बूटियां होगी जिस तरह से सभी को अपने व्यापार में पैसा कमाने की उमंग होती है वैसे ही खेती में अच्छी पैदावार हो उसके लिए अब प्राचीन पद्धति को छोड़ आधुनिक रासायनिक उर्वरक और दवाओं का उपयोग कर पैदावार बढाने के लिए की जाती है।

इन्ही रासायनिक उर्वरकों से निर्मित औषधियों से जब कोई आयुर्वेदिक फॉर्मूला बनाया जाता है तो वो काम नही करता जबकि यह हमारे प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथो से ही लिए गए फॉर्मूले थे जो आज की इस आधुनिक दुनिया मे अब बेअसर हो गए है फिर लोग कहते है आयुर्वेद में दम नही इससे किसी बीमारी को ठीक नही किया जा सकता, आयुर्वेद दवाएँ बेअसर है। लेकिन आपको बता दे आयुर्वेद के फॉर्मूले और सिद्धांत आज भी उतने की कारगर है लेकिन शर्त यह है कि जड़ी-बूटी बिना केमिकल उर्वरक से अर्थात देसी खाद जैसे - जैविक, गोबर का खाद और अन्य प्राचीन पद्धति वाली खाद हो। ऐसी देसी खाद से निर्मित जड़ी-बूटी को ही ऑर्गेनिक आयुर्वेदिक औषधियां कहाँ जाता है जो शत-प्रतिशत काम करती है।

यही कारण है कि जो ऑर्गेनिक जड़ी-बूटी से निर्मित औषधियां होती है वो थोड़ी महंगी होती है जो अपना काम करती है जिससे हार्ट ब्लॉकेज, खराब कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को ठीक करना आसान होता है। हमारा यह Songara Heart Care Juice पूर्णतः ऑर्गेनिक जड़ी-बूटीयों से मिलकर बना है।

Customer Reviews
5.0 Based on 20 Reviews
Write a Review

Thank you for submitting a review!

Your input is very much appreciated. Share it with your friends so they can enjoy it too!

Filter Reviews:
AR
08/28/2021
Ankita r.
India India
Good product

Bahut hi achchha h ye mujhe pahli botal me hi aaram mila

RJ
08/25/2021
Rakesh j.
India India
Good product

Bahut hi achchha h ye mere papa ko Dr ki dawai lete howe 2 sal ho gaye the but jab se unhone heart care juice lena chalu kiya h unka BP ab sahi rahta h

BL
08/25/2021
Babu l.
India India
Cholesterol kam hua

Ye bahut hi achcha product hai cholesterol kam kiya hai meri age abhi 65 years hai

KP
08/25/2021
Kinjal p.
India India
Low bp

2 month se le rahi hu... Low bp ka issue tha jiski koi medicine bhi nhi ati but es juice se bp control ho gya.. thank u

KS
08/25/2021
Khushwindar S.
India India
Nice product

Very nice product for all